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मौजूदा आंतरिक प्रवाह प्रक्रिया व नागरिक पक्ष वितरण प्रणाली के तहत विभागीय और केंद्रित कर्मचारियों के लिए सेवाओं की सूची.

योजनाएं:


 

केन्द्रीय प्रायोजित योजना “उद्यान प्रोद्योगिकी मिशन ”


 

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2009-10) के अंतर्गत उत्तर पूर्वी और पर्वतीय राज्यों के लिए उद्यान मिशन और लागत मानदंडों के अनुरूप सहायता के पैटर्न


 

क़. सं.

 

घटक

 

अधिकतम अनुमोदित लागत

सहायता के पैटर्न

क.

 

मिनी मिशन I

 

1.



 

पैतृक नस्ल के, बीज उत्पादन रोपण सामग्री, ,मूल किस्म वाले बीज, मूल वृतों, मदर स्टॉक (साईन ब्लॉक ) की आपूर्ति.

 

रु. 15 लाख प्रति परियोजना


आधारित परियोजना के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत


2.


 

तकनीकी मानकीकरण, दोहन एवं विकास.

 

रु.20 लाख प्रति परियोजना आधारित परियोजना के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत
3.


 

अन्य देशों से (तकनीकी ज्ञान द्वारा) फल पौध रोपण सामग्री का आयात एवं तकनीक प्राप्त करना

 

रु.10 लाख प्रति परियोजना आधारित परियोजना के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत
4.


 

फार्म ट्रायल/ फ्रंटलाइन प्रदर्शनों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान करना .

 

रु.5 लाख प्रति परियोजना आधारित परियोजना के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत
ख.

 

मिनी मिशन II

 

1.

 

पौध रोपण सामग्री का उत्पादन

 
(i)





 

आदर्श पौधशाला/ बड़ी पौधशाला (2-4 है 0)





 

रु. 6.25 लाख प्रति हेक्टेयर






सार्वजनिक क्षेत्र में सहायता के लिए लागत का 100 प्रतिशत, 50,000 प्रति हेक्टेयर की उत्पादकता वाले निजी क्षेत्र में लागत का 50 प्रतिशत. सार्वजनिक क्षेत्र में 25.00 लाख और 4 है० वाले निजी क्षेत्र में 12.50 लाख तक सहायता प्राप्त की जा सकती है
(ii)



 

लघु पौधशाला (1.0 है0)



 

रु.6.25 लाख प्रति हेक्टेयर .



सार्वजनिक क्षेत्र में सहायता के लिए लागत का 100 प्रतिशत, 50,000 प्रति हेक्टेयर की उत्पादकता वाले निजी क्षेत्र में लागत का 50 प्रतिशत है|.
(iii)




 

उत्तक प्रबंधन (टिशू कल्चर) इकाई की स्थापना




 

रु 1 करोड़ प्रति इकाई.




सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत, 15 लाख फल पौधों की उत्पादन क्षमता वाले निजी क्षेत्र को लागत का 50 प्रतिशत
(iv)


 

उत्तक प्रबंधन (टिशू कल्चर) इकाई का पुनरुत्थान

 

परियोजना आधारित गतिविधियों के लिए 15 लाख रुपय प्रति इकाई


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत.
(v)


 

उचित आलू बीज केंद्र



रु.25 लाख प्रति केंद्र

सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत.
(vi)


 

संतति एवं हर्बल गार्डन



रु.5 लाख इकाई


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत .
(vii)

 

सब्जियों तथा कन्दों का उत्पादन

 

a)




 

ओपन पोलिनेटिड क्रोपस




रु.30, 000 प्रति हेक्टेयर




सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और 5 है० वाले निजी क्षेत्रो के लिए लागत का 75 प्रतिशत. राशी जारी करने से पहले प्रत्येक राज्य अपने तौर पर प्रत्येक फसल के लिए बीज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करेगा .
b)




 

संकर बीज उत्पादन




रु.1,33,000 प्रति हेक्टेयर




सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और 2 है० वाले निजी क्षेत्रो के लिए लागत का 75 प्रतिशत. राशी जारी करने से पहले प्रत्येक राज्य अपने तौर पर प्रत्येक फसल के लिए बीज उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करेगा
(viii)




 

परीक्षण तथा प्रदर्शन हेतु पौध उत्पादन सामग्री का आयात

 

रु.10 लाख




सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्ररणों के लिए लागत का 100 प्रतिशत ,राज्य सरकार, राष्ट्रीय उद्यान बोर्ड, कृषि मंत्रालय, पीएसयू द्वारा प्रमाणित उत्पादन संगठनों के लिए लागत का 70 प्रतिशत .


(ix)



 

उद्यान फसलों के बीजों को विधायन, पैकिंग, भंडारण हेतु आधारभूत संरचना का निर्माण करना.

 

रु.200 लाख



सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 75 प्रतिशत.

2.

 

उद्यान फल फसलों के अंतर्गत क्षेत्रो का विस्तार

 

1.

 

फल फसलों के अंतर्गत (अधिकतम 4 है प्रति लाभार्थी)

 

(i).

 

सघन बागवानी

 

क)



 

सेब ,नाशपाती, आड़ू, आम, अमरूद, लीची , बेर इत्यादि



रु.1, 00,000 प्रति हेक्टेयर



फल पौधों के द्वितीय वर्ष में 75 प्रतिशत तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत जीवित रहने की अवस्था में लागत का 75 प्रतिशत अर्थात रु. 75,000 प्रति है०, 60:20:20 की आनुपातिक तीन किश्तों में दिया जायेगा .
ख)


 

फल फसले जैसे सकर केले तथा पपीता.

रु.1, 00,000 प्रति हेक्टेयर .


2 हेक्टेयर वाले क्षेत्र के लिए लागत का 75 प्रतिशत रु. 75,000 प्रति है०, 75:25 की आनुपातिक दो किश्तों में दिया जायेगा
ग)

केले और पपीता फलों की तरह.

रु.70, 000 प्रति हेक्टेयर
(ii)



 

सघन फल पौध रोपण ( सेब, नाशपाती, आड़ू, आम, अमरूद, लीची, बेर आदि )




रु.80, 000 प्रति हेक्टेयर .



फल पौधों के द्वितीय वर्ष में 75 प्रतिशत तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत जीवित रहने की अवस्था में लागत का 75 प्रतिशत अर्थात रु. 60,000 प्रति है०, 60:20:20 की आनुपातिक तीन किश्तों में दिया जायेगा .
(iii)



 

अन्य फल फसले जिनमे सामान्य स्पेसिंग (Speacing ).



रु. 40, 000 प्रति हेक्टेयर



फल पौधों के द्वितीय वर्ष में 75 प्रतिशत तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत जीवित रहने की अवस्था में लागत का 75 प्रतिशत अर्थात रु. 50,000 प्रति है०, 60:20:20 की आनुपातिक तीन किश्तों में दिया जायेगा .

1I.

 

फल (प्रति लाभार्थी के लिए अधिकतम सीमा 2 हेक्टेयर)

 
(i)

 

ओपन पोलिनेटिड

 

रु. 30,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 75 प्रतिशत. यानी रु. 22,500 प्रति हेक्टेयर
(ii)

 

संकर

 

रु.45, 000 प्रति हेक्टेयर लागत का 75 प्रतिशत यानी रु. 33,750 प्रति हेक्टेयर

1II.

 

खुम्ब

 
(i)



 

एकीकत खुम्ब इकाई की स्थापना (खाद बनाना,बीज तैयार करना तथा प्रशिक्षण देना )

 

रु.50 लाख प्रति यूनिट



सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत

(ii)


 

बीज/स्पान तैयार करने की इकाई



रु.15 लाख प्रति इकाई


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत
(iii)


 

खाद बनाने की इकाई



रु.20 लाख प्रति यूनिट


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत

1V.

 

फल (प्रति लाभार्थी के लिए अधिकतम सीमा 2 हेक्टेयर)

 
(i)


 

कट फ्लावर

रु. 70,000 प्रति हेक्टेयर

लागत का 75 प्रतिशत अर्थात 52,500 रु. प्रति हेक्टेयर, संरक्षित खेती के लिए उपरोक्त के अलावा भी लाभ उठाया जा सकता है.
(ii)


 

कन्दीय फूल

रु. 90,000 प्रति हेक्टेयर .


लागत का 75 प्रतिशत अर्थात 67,500 रु. प्रति हेक्टेयर, संरक्षित खेती के लिए उपरोक्त के अलावा भी लाभ उठाया जा सकता है.
(iii)

 

खुले फूल

 

रु.24, 000 प्रति हेक्टेयर लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.18000 प्रति हेक्टेयर.
(iv)

 

आदर्श पुष्पोत्पादन केंद्र

 

रु.1करोड़ प्रति केंद्र . सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत.

V.

 

मसालें (प्रति लाभार्थी के लिए अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर)

 
(i)

 

बीजो और कंदों से उत्पादित होने वाले मसालें

 

रु.25, 000 प्रति हेक्टेयर लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.18750 प्रति हेक्टेयर.
(ii)


 

बारहमासी मसाले जैसे काली मिर्च, दालचीनी, लौंग और जायफल

 

रु.40, 000 प्रति हेक्टेयर


लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.30,000 प्रति हेक्टेयर.

(iii)

 

सघन मूल्य वाले मसाले अर्थात केसर

 

रु. 80, 000 प्रति हेक्टेयर
लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.60,000 प्रति हेक्टेयर.

VI.

 

सुगंधित पौधों के अंतर्गत (अधिकतम 4 है0 प्रति लाभार्थी)

 
(i)


 

सुगंधित पौधे (पचौली ,जरेनियम ,रोजमेरी इत्यादि )

 

रु. 75, 000 प्रति हेक्टेयर


लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.56,250 प्रति हेक्टेयर.

(ii)

 

अन्य खुशबूदार पौधे

 

 

रु. 25, 000 प्रति हेक्टेयर . लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.56,250 प्रति हेक्टेयर

3.


 

पुराने वृक्षों के स्थान पर नये वृक्षों का स्थानापन्न

 

रु. 30,000 प्रति हेक्टेयर


लागत का 50 प्रतिशत यानी 2 हेक्टेयर प्रति लाभार्थी के लिए रु. 15000 प्रति हेक्टेयर तक सीमित है.

4.

 

जल साधनों का निर्माण

 

(i)









सामुदायिक जल भंडारण टेंक /तालाब(प्लास्टिक/आर.सी.सी लाइनिंग के साथ)








रु.17.25 लाख प्रति यूनिट













सामुदायिक और किसान समूह के 100 मी० x 100 मी o x 3मी० क्षमता वाले टैंकों की लागत का 100 प्रतिशत अथवा 10 लाख प्रति है० या अन्य आकार के तालाबों का प्रोराटा (Prorata) के आधार पर . इस मिशन के अंतर्गत प्रयोग की गई राशि ही सीमित की जायेगी . जब कि गैर नरेगा लाभार्थी द्वारा तालाब को बनाने तथा लाइनिंग कि लागत बके साथ - साथ समस्त लागत के उपर सहायता प्राप्त की जाती है
(ii)



 

वोर वैल /कुआं /तालाब (20 मी0 x 20 मी0 x 3 मी0 )

 

रु.1.38 लाख प्रति इकाई



लागत का 75 प्रतिशत यानी रु.1.03 लाख प्रति लाभार्थी.


5.

 

संरक्षित खेती (प्रोटेक्टिड़ कल्टीवेश्न )

 

1.

 

हरित गृह निर्माण

 
क)

 

पंखे और पैड प्रणाली

 

रु.1465 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.
ख)

 

नेचुरली वेंटिलेटिड सिस्टम

 

(i)

 

ट्यूबलर स्ट्रक्चर

 

रु.935 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.
(ii)

 

लकड़ी निर्मित (वुडन स्ट्रक्चर)

 

रु.515 प्रति वर्ग मी०
लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.
(iii)

 

बांस निर्मित (बांस स्ट्रक्चर)

 

रु.375 प्रति वर्ग मी०
लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.

1I.

 

प्लास्टिक मलचिंग

 
रु. 20,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 2 हेक्टेयर तक ही सीमित है

1II.

छायादार जाली गृह निर्माण`

(i)

 

ट्यूबलर स्ट्रक्चर

 

रु.600 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.
(ii)

 

लकड़ी निर्मित (वुडन स्ट्रक्चर)

 

रु.410 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.
(iii)

 

बांस निर्मित (बांस स्ट्रक्चर)

 

रु.300 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.

1V.

 

प्लास्टिक टनल का निर्माण

 
रु.30 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 5000 वर्ग मी० तक सीमित है.

V.

 

पक्षी अवरोधक/ओला अवरोधक जाली

 
रु.20 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 5000 वर्ग मी० तक सीमित है.

VI.

 

ग्रीन हाउस में उगाई जाने वाली सब्जियां

 
रु.105 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.

VII.

 

ग्रीन हाउस में उगाए जाने वालें फूल

 
रु.500 प्रति वर्ग मी० लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी 4000 वर्ग मी० तक सीमित है.

6.

 

परिशुद्धता कृषि विकास केंद्र (पी.एफ. डी. सी.)के माध्यम से कृषि का विकास और विस्तार

 
 
परियोजना पर आधारित


लागत का 100 % पी.एफ.डी.सी. के लिए लागत का 100 प्रतिशत

7.

 

आई एन एम् एवं आई पी एम् को बढ़ावा देना

 
 
(i)


 

सार्वजनिक क्षेत्र में स्वच्छता और पादप स्वच्छता का ढांचा

 

रु .500 लाख प्रति यूनिट


लागत का 100 प्रतिशत

(ii)


 

आई एन एम् एवं आई पी एम् को बढ़ावा देना



रु.2000 प्रति हेक्टेयर


लागत का 50 प्रतिशत यानी 24हेक्टेयर प्रति लाभार्थी के लिए रु. 1000 प्रति हेक्टेयर तक सीमित है.
(iii)

 

रोग पूर्वानुमान इकाई (सार्वजनिक क्षेत्र)

 

रु.4 लाख प्रति यूनिट लागत का 100 प्रतिशत
(iv)


 

बायो कंट्रोल लैब

रु.80 लाख प्रति यूनिट


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत.
(v)


 

प्लांट हैल्थ क्लीनिक



रु.20 लाख प्रति यूनिट


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत.
(vi)


 

पती विश्लेषण प्रयोगशाला

रु.20 लाख प्रति यूनिट .


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए लागत का 100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 प्रतिशत

8.

 

जैविक खेती

 
(i)





 

जैविक कृषि को अपनाना




रु.20000 प्रति हेक्टेयर





लागत का 50 प्रतिशत यानी 4 हेक्टेयर से अधिकतम वाले क्षेत्र में प्रति लाभार्थी को रु. 10,000 की सहायता राशि जोकि तीन आसान किश्तों में दी जाती है, पहले वर्ष में रु.4,000 और दूसरे- तीसरे वर्ष में एक-एक साल के अंतराल के बाद रु. 3,000 की राशि दी जाती है. यह कार्यक्रम प्रमाण पत्र के साथ जुड़ा हुआ है.
(ii)



 

जैविक सर्टिफिकेशन




प्रोजैक्ट के आधार पर



50 हेक्टेयर के एक समूह के लिए रु. 5 लाख जिसमे पहले वर्ष में रु.1.50 लाख, दूसरे वर्ष रु.1.50 लाख और तीसरे वर्ष में 2.00 लाख शामिल है.
(iii)





 

केंचुआ खाद इकाई





स्थायी ढांचे के लिए रु.60,000 प्रति इकाई, एच.डी.पी.ई केंचुआ खाद के लिए रु.10,000 प्रति इकाई



5लागत का 50 प्रतिशत यानी 30'x8'x2.5 का स्थायी ढांचे का आकार बिल्कुल प्रशासनिक आकार के अनुरूप होना चाहये और एचडीपीई केंचुआ के लिए लागत का50 प्रतिशत और जिसका प्रशासित आकार आधार पर 96 फीट (12x4x2) के अनुरूप होना चाहये.

9.

 

गैप के सर्टिफिकेशन लिए बुनियादी सुविधाओं सहित

 
रु. 10,000 प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत

10.

 

उद्यान उत्कृष्ट केंद्र

 
रु.500 लाख प्रति केंद्र लागत का 100 प्रतिशत

11.

 

 

मधुमक्खी पालन से परागण को एकत्रित करने में सहायता

 
(i)

 

सार्वजनिक क्षेत्र में नुसेल्स स्टॉक का उत्पादन

 

रु. 10 लाख लागत का 100 प्रतिशत
(ii)


 

मधुमक्खी पालक द्धारा मौन वंशों का उत्पादन

 

रु. 6 लाख


2000 छत्तो को प्रति वर्ष न्यूनतम उत्पादन करने के लिए लागत का 50 प्रतिशत
(iii)

 

मौन वंश

 

रु.1400 प्रति छत्ता 4 किसानों को लागत का 50 प्रतिशतयानि 50 कालोनियां प्रति लाभार्थी तक ही सीमित है
(iv)

 

मौन गृह

 

रु. 1600 प्रति मधुमुखी का छत्ता लागत का 50 प्रतिशत यानि 50 मधुमुखी के छत्ते प्रति लाभार्थी तक ही सीमित है
(v)



 

शहद निकालने के लिए 4 फ्रेम, फूड ग्रेड कंटेन(30 किलों ) उपकरण

 

रु.14,000 प्रति सेट t



लागत का 50 प्रतिशत यानी प्रति लाभार्थी के लिए एक सेट सीमित है.


12.

 

बागवानी उपकरणों को प्रोत्साहन

 
(i)



 

पावर ऑपरेटिड मशीन (पावर स्प्रेयर)/टूज्स इनक्लयूडिंग पावर इत्यादि

 

रु. 34000 प्रति सेट



लागत का 50 प्रतिशत यानी प्रति लाभार्थी के लिए एक सेट सीमित है.

(ii)

 

पावर मशीन (पावर टील्लर) 20 बी. एच. पी. तक

 

रु. 1.20 लाख प्रति सेट


लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी एक सेट करने के लिए सीमित है.

(iii)


 

पावर मशीन 20 एच. पी. या उससे ऊपर

 

रु. 3 लाख प्रति सेट


लागत का 50 प्रतिशत प्रति लाभार्थी एक सेट करने के लिए सीमित है.

(iv)



 

सार्वजानिक क्षेत्र में प्रदर्शन के उद्देश्य से उद्यान उपकरण और नई मशीनों का आयात

 

रु. 50 लाख प्रति मशीन



कुल लागत का 100 प्रतिशत


13.

 

मानव संसाधन विकास (एच.आर.डी.)

 
(i)

 

प्रशिक्षण शिविर महिलायें /पुरुष (2-5 दिवसीय)

 

क )


 

जिले के अंदर

किराया को छोडकर रु.400 प्रति किसान प्रति दिन लागत का 100 प्रतिशत

ख )


 

राज्य के अन्दर

किराया को छोडकर रु.750 प्रति किसान प्रति दिन लागत का 100 प्रतिशत

ग )


 

राज्य से बाहर

किराया को छोडकर रु.1000 प्रति किसान प्रति दिन लागत का 100 प्रतिशत

 

 

 



 

किराया को छोडकर रु.200 प्रति किसान प्रति दिन लागत का 100 प्रतिशत

(ii)

 

किसानों और महिला किसानों सहित भ्रमण यात्रा

 

क )

 

जिले के अन्दर

 

ख ) राज्य के अन्दर
ग )

 

राज्य से बाहर

 

घ ) भारत के बाहर
(iii)

 

प्रशिक्षण भ्रमण महिलायें /पुरुष (2-5 दिवसीय) /तकनीकी अधिकारियों के अध्ययन के दौरे/ क्षेत्र अधिकारियों द्वारा केंद्रीय योजनाओं को शामिल करना.

 

 

क )


 

राज्य के भीतर



रु. 200 प्रति भागीदार प्रति दिन और साथ ही टी.ए.डी .ए. स्वीकार्य होगा लागत का 100 प्रतिशत

ख )



 

प्रगतिशील राज्यों में महिला किसानों सहित प्रशिक्षण, अध्ययन दौरे और कम से कम 5 प्रतिभागियों का समूह

 

रु. 600 प्रति भागीदार प्रति दिन और साथ ही टी.ए., डी.ए. स्वीकार्य होगा


लागत का 100 प्रतिशत


ग )

 

भारत से बाहर

 

रु. 5 लाख प्रति भागीदार लागत का 100 प्रतिशत.
(iv)



 

सूचना और प्रसार के माध्यम से साहित्य और स्थानीय विज्ञापनों का प्रचार

 

रु. 0.40 लाख प्रति ब्लॉक



कुल लागत का 100 प्रतिशत


(v)



 

पैकेजों का तकनीकी विकास और इलेक्ट्रॉनिक रूप के लिए आई.टी. नेटवर्क के साथ शेयर्

 

रु. 1.00 लाख प्रति जिला



कुल लागत का 100 प्रतिशत


(vi)


 

एफ.ए.ओ.,विश्व बैंक की तरह अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तकनीकी सहयोग

 

परियोजना पर आधारित वास्तविक कीमत.


100 प्रतिशत सहायता

14.

 

विशेष हस्तक्षेप

 
(i)





 

फलों परिवहन (फार्म गेट, प्रोसेसिंग यूनिट, बाजार और परिवहन केन्द्र)

 

रु. 200 लाख





परियोजना आधारित तथा राज्य प्रपोसल (Proposal) ममे दर्शाए गए परिव्यय का 10 प्रतिशत तक सीमित .



(ii)



 

राज्य सरकार / कर्य्नाय्वयन करने वाली एजेंसी की जरूरी और अनापेक्षित आवश्यकता को निपटाने हेतु

 

रु. 10 लाख



कुल लागत का 100 प्रतिशत


15.

 

मिशन मनेजमेंट (Mission Management )

 
(i)




 

संस्थागत ढांचे/ वाहनों की खरीद हार्डवेयर/ सॉफ्टवेयर आदि का प्रबंधन करना

 

परियोजना पर आधारित




100 प्रतिशत की सहायता



(ii)


 

मुख्यालय में टी. एम. सेल और एस.एम्.एच. तकनीकी सहायता समूह

 

परियोजना पर आधारित


कुल लागत का 100 प्रतिशत

(iii)


 

प्रदर्शनियों, किसान मेला, उद्यान एक्सपोजर, हनी समारोह आदि का सेमिनार

 

क )



 

राज्य स्तर घटना



रु. 3 लाख की अधिकतम घटना



सार्वजनिक क्षेत्र में लागत का 100 प्रतिशत यानी / राज्य सरकार/राज्य कृषि विश्वविद्यालयों/ अनुसंधान संस्थानों, कृषि मंत्रालय द्वारा प्रमाणित फल उत्पादन संगठन को रु. 3.00 लाख प्रति आयोजन तक है.
ख )



 

जिला स्तरीय घटनाक्रम



रु. 2 लाख की अधिकतम घटना



सार्वजनिक क्षेत्र में लागत का 100 प्रतिशत यानी / राज्य सरकार/राज्य कृषि विश्वविद्यालयों/ अनुसंधान संस्थानों, कृषि मंत्रालय द्वारा प्रमाणित फल उत्पादन संगठन को रु. 2.00 लाख प्रति आयोजन तक है.

16.

 

प्रौद्योगिकी डी.ए.सी. मुख्यालय में तकनीकी मिशन सेल को सहयता

 
(i)




 

टी. एम्. सेल के लिए संरचनात्मक ढांचा तथा अन्य गतिविधियां

 

परियोजना पर आधारित




लागत का 100 प्रतिशत यानी अधिकतम सीमा रु.500.00 लाख



C.

 

मिनी मिशन-III

 

1.

 

फसलोत्तर प्रबंधन

 
(i)


 

खेत में संग्रह तथा छँटाई की इकाई (पैक हाउस)

 

9मीo x6 मीo के आकार के साथ रु.3 लाख प्रति ईकाई


लागत पूंजी का 50 प्रतिशत

(ii)


 

प्री-कूलिंग यूनिट



6 लाख टन क्षमता के लिए 15 लाख रुपये .


परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत
(iii)


 

मोबाईल प्री-कूलिंग यूनिट



5 लाख टन क्षमता के लिए रु.24 लाख प्रति इकाई


परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है
(iv)




 

 

5000 मीट्रिक टन क्षमता के लिए रु.6000 प्रति मीट्रिक टन



परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है


(v)


 

एकीकृत सी ए चैम्बर कूलिंग, सफाई, छँटाई और ग्रेडिंग की सुविधओं के साथ

 

5000 मीट्रिक टन क्षमता के लिए अधिकतम रु.70,000 प्रति मीट्रिक टन
परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है
(vi)


 

सी.ए. स्टोरेज यूनिट



5000 मीट्रिक टन क्षमता के लिए अधिकतम रु.32,000 प्रति मीट्रिक टन
परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है
(vii)


 

रीफर वैन एवं कंटेनर



6 लाख टन क्षमता के लिए रु. 24 लाख प्रति यूनिट


परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है
(viii)


 

प्राथमिक/मोबाइल/ न्यूनतम प्रोसेसिंग यूनिट



रु. 24 लाख प्रति यूनिट


परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत बैक एंडेड उपदान और क्रेडिट से जुड़ा हुआ है
(ix)

 

राईप्निंग चैम्बर (Raipning Chamber)

 

5000 मीट्रिक टन क्षमता के लिए अधिकतम रु.6000 प्रति मीट्रिक टन परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत.
(x)


 

वाष्पीकरण एवं कम ऊर्जा वाले कूल चैम्बर (8 मीट्रिक टन तक )

 

रु.4 लाख प्रति यूनिट


कुल लागत का 50 प्रतिशत.
(xi)


 

संरक्षण की इकाई (कम लागत पर ) नई इकाई के लिए



रु.2 लाख प्रति यूनिट और सुधार के लिए रु.1 लाख प्रति यूनिट
कुल लागत का 50 प्रतिशत.
(xii)

 

कम कीमत पर प्याज के भंडारण के लिए बुनयादी ढांचा (25 मीट्रिक टन तक )

रु. 1.00 लाख प्रति यूनिट .
कुल लागत का 50 प्रतिशत
(xiii)

 

जीरो एनेर्जी कूल चैम्बर (100 कि.ग्रा.)

रु. 4000 प्रति यूनिट लागत का 50 प्रतिशत..
(xiv)


 

उद्यान फसलों के उत्पादन एवं पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एकीकृत परियोजना.

 

रु. 50.00 लाख


परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत.

2.

 

उद्यान उत्पादों के लिए सरकारी, निजी और सहकारी क्षेत्रों में विपणन इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना

 

(i)




 

अंतिम बाजार




 

रु.150 करोड़ प्रति परियोजना




अलग से जारी किये गये दिशा निर्देशों के अनुसार प्रति स्पर्धात्मक बोली द्वारा ( 25प्रतिशत से 40प्रतिशत )सार्वजनिक और निजी भागीदारी पर (50.00 करोड़) तक सीमित है.
(ii)


 

मंडी



रु. 100 करोड


परियोजना की कुल पूंजीगत लागत का 33.33 प्रतिशत भाग क्रेडिट बैक एंडेड उपदान है.
(iii)


 

ग्रामीण बाज़ार, अपनी मण्डियां और प्रत्यक्ष बाजार

 

रु. 20 लाख प्रति यूनिट


पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत

(iv)


 

रिटेल बाज़ार एवं विक्री केन्द्र (पर्यावरण नियंत्रण )

 

रु. 10 लाख प्रति यूनिट


पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत

(v)


 

स्थाई , मोबाइल वेंडिंग और कूल चैम्बर के साथ प्लेटफोर्म

 

रु.30,000 प्रति यूनिट


पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत

(vi)

कार्यात्मक आधारभूत संरचना :

 



क )

 

संग्रहण , ग्रेडिंग के लिए

 

रु.15 लाख पूंजीगत लागत का 50 प्रतिशत
ख )


 

गुणवत्ता नियंत्रण एवं विश्लेषण प्रयोगशाला



रु.200 लाख


सार्वजनिक क्षेत्र के लिए कुल लागत का100 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के लिए लागत का 50 %
(vii)

नए उत्पादों के विस्तार के लिए बाजार आधारित गतिविधियों के लिए.

रु.3 लाख प्रति घटना राज्य सरकार , एस.एच.एम्.और सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों को 100 % सहायता .

सहकारी समितियां, ट्रस्ट और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयां जो परियोजना की लागत का हिस्सा अपने संसाधनों द्वारा पूरा कर सकते है, के लिए बैंक एंडेड उपदान,क्रेडिट लिंक जारी करना जरुरी नहीं है

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