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छिडकाव सारिणी वर्ष 2011


आडू, प्लम व खुमानी के मुख्य “कीट व रोग” नियंत्रण हेतु एकीकृत छिडकाव सारिणी 2011



क्रम संख्या समय/अवस्था दवा का नाम 200 लीटर पानी के लिए दवा की मात्रा जिन कीटों व रोगों का नियंत्रण होगा
1 सफ़ेद कली अवस्था डारमैंन्ट आयल +
कार्बैन्डाजिम
या
कापर आक्सीक्लोराइड
4 लीटर
100 ग्राम

600 ग्राम
सैन्जोस स्केल, युलिकेनियम स्केल व लीफ कर्ल रोग
2 गुलाबी कली अवस्था आक्सिडेमेंटान-मिथायल 200 मि.ली. लीफ कर्ल एफिड
3 मई कैपटान
या
मैन्कोजेब या
प्रोपिनेब +
मोनोक्रोटोफास
कापर आक्सीक्लोराइड +
स्ट्रेप्टोसाईक्लीन  
600 ग्राम

600 ग्राम
600 ग्राम +
200 मि.ली.
600 ग्राम +
20 ग्राम
ब्राउन राट. स्केल, पत्ती व फल खाने वाले कीट गमोसिस
4 जून (फल तोड़ने से 15 दिन पहले) बेट स्प्रे (मैलाथियोन+गुड) (400 मि.ली.
+ 2 किलो ग्राम)
फ्रूट फ्लाई | गिरे हुए ग्रसित फलों को गहरे गड्ढे में दबाएं|
5 जुलाई-अगस्त कॉपर आक्सीक्लोराइड
+
स्ट्रेप्टोसाईक्लीन
600 ग्राम
+
20 ग्राम
गमोसिस
गिरे हुए फलों को गड्ढे में दबाएं|
6 तनों व शाखाओं से रिसने वाले गोंद के उपचार हेतु मशोबरा पेस्ट का आवश्यकतानुसार प्रयोग करें   


नोट:-
  1. उपरोक्त छिडकाव सारिणी रोगों/कीटों के प्रबल रूप में पनपने की अवस्था में सुझाई गई हैं| यदि अत्याधिक सूखे की स्थिति में रोगों/कीटों द्वारा आक्रमण अपेक्षाकृत कम हों आवश्यकतानुसार छिड़काव भी कम किए जा सकते हैं|

  2. रतुआ रोग की रोकथाम के लिए लक्षण प्रकट होने के बाद हैक्साकोनाजोल 100 मि.ली. या विटरटानोल 100 ग्राम या ट्रायडीमेफोन 100 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी का छिड़काव करें तथा उसे 20 दिन के बाद दोहराएं|

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