यह ठंडे क्षेत्रों की चरागाहों में चरने के लिए अति उत्तम फलीदार चारे वाली फसल है| यह भूमि में सबसे अधिक नाईट्रोजन बढ़ाने वाली फसल भी है| इससे लगभग 400 क्विंटल प्रति हैक्टेयर चारा प्राप्त होता है|