दलहनी फसलें
दलहन हमारे देश की खाद्य सामग्री में महत्वपूर्णभूमिका निभाती है| यह हमारी कृषि
पद्यति में प्रमुख स्थान रखती हैं क्योंकि इनकी खेती में थोड़ी सी लागत आती है तथा
भूमि को उपजाऊ करने की क्षमता रखती है वन क्षेत्रों के किए उपयुक्त है जहां पर नमी
की कमी होती है| हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2003-04 में रबी दलहनी फसलों के अन्तर्गत 27.5 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल ठ जिसमें 9.8 हजार टन उत्पादन हुआ और पैदावार 3.6 क्विंटल/ हैक्टेयर हुआ जो राष्ट्रिय औसत से बहुत कम है| जिसके मुझी कारण है: (1) अधिक उपज देने वाली रोग प्रतिरोधी किस्मों की कमी (2) सीमांत भूमियों व कम नमी के अंतर्गत कुप्रबंध से खेती करना, (3) उर्वरकों व राईजोबियम परजीवी के प्रयोग की कमी तथा (4) किसी भी प्रकार के पौध संरक्षण ण अपनाना|
चना
यह प्रदेश में रबी की मुख्य दलहनी फसल है| वर्ष 2002-03 में इसे प्रदेश में 1.4 हज़ार हैक्टेयर भूमि पर उगाया गया जिसमें कुल उत्पादन 1.01 हज़ार टन व उपज 7.24 क्विंटल प्रति हैक्टेयर हुई|
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