पॉलीहाऊस पर बीमा सुविधा उपलब्ध
किसान अब पॉलीहाऊस का बीमा करा सकेंगे| यह जानकारी देते हुए
कृषि निदेशक डा0 जे0 सी0 राणा ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से आंधी, तूफान व
भू-स्खलन इत्यादि से पॉलीहाऊस नुक्सान की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी| हालांकि
पॉलीहाऊस बनाने वाली कंपनियां दो वर्ष की गारंटी देती है परन्तु इसमें केवल निर्माण
सम्बन्धी कमियों के कारण हुए नुकसान शामिल है जबकि प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान
वारंटी में कवर नहीं होते|
डा0 राणा ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा पॉलीहाऊस को बीमा योजना
में शामिल करने के बारे इन्श्योरेंस कंपनियों से मामला उठाया गया था तथा लम्बे
विचार विमर्श के बाद अब दो कंपनियों नेशनल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटिड व यूनाइटेड
इंडिया इन्श्योरेंस कम्पनी पॉलीहाऊस बीमा करने के लिए सहमत हो गई हैं| यह दोनों ही
कंपनियां भारत सर्कार के उपक्रम हैं| एक लाख रूपये के बीमें हेतु किसानों को मात्र
110 रू0 प्रीमियम देना होगा| जिससे उन्हें एक साल का बीमा आवरण मिलेगा| बीमें की
न्यूनतम व अधिकतम सीमा पॉलीहाऊस की लागत पर निर्भर करेगी तथा उसी आधार पर प्रीमियम
तय होगा| बीमा आवरण में आवरण में आंधी, तूफान, बाढ़, बिजली, आग, भू-स्खलन, दंगे
जोखिम में शामिल होंगे| योजना के अनुसार यदि नुकसान 10,000 रू0. या इससे अधिक होगा
तभी दावे देय होंगे| यदि एक पॉलिसी के अन्तर्गत नुकसान 10,000 रू0. से कम होता है
तो दावे देय नहीं होंगे| विभाग इच्छुक कृषकों की बीमा पॉलिसी लेने में उनकी मदद
करेगा तथा प्रीमियम राशि बीमा कम्पनी को जमा कर किसानों को पॉलिसी लेने में मदद
करेगा| उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बीमा केवल पॉलीहाऊस का होगा न कि फसल का| अधिक
जानकारी के लिए नेशनल इन्श्योरेंस कम्पनी शिमला टेलिफोन न0-0177-2625096, 2624921,
2624387 व यूनाईटड इंडिया इन्श्योरेंस कम्पनी शिमला टेलिफोन न0-0177-2625302,
2625397 पर संपर्क कार सकते है| जिन किसानों ने पॉलीहाऊस बना लिए है या जो आगे
बनाना चाहते है, सभी बीमा आवरण ले सकते हैं| डा0 राणा ने सभी कृषकों से आग्रह किया
है कि वह अवश्य अपने पॉलीहाऊस का बीमा करवायें ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले
नुकसान की भरपाई हो सकें|